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wheat package for hills

Crop cultivation package of wheat for hills

बीज अवं बुवाई

लाइन में बुवाई करने पर २ किलो प्रति नाली की दर से बीज प्रयोग करे यदि बीज छितक्वा विधि से बोना है तो बीज दर २५ प्रतिसत बड़ा दे ! देरी से बुवाई की दसा में बीज को रात भर पानी में भिगोकर छायादार जगह में सुखाकर उचित नमी पर बोये पंक्तियों की दुरी अवं गहराई समय से बुवाई पर २३ से मी अवं गहराई ५ से मी ,विलम्ब से बुवाई पर १८ से मी अवं गहराई ५ से मी बुवाई की विधि बुवाई हल के पीछे कुरो में या सीड ड्रिल द्वारा भूमि में उचित नमी में करे

उर्वरक

यदि सिंचाई उपलब्ध न हो तो नाइट्रोजन १.२ किलो प्रति नाली , फोस्फोरुस 0.६ किलो प्रति नाली , पोटाश 0.४ किलो प्रति नाली उर्वरक यदि सिंचाई उपलब्ध हो तो नाइट्रोजन २.5 किलो प्रति नाली , फोस्फोरुस १.2 किलो प्रति नाली , पोटाश 0.8 किलो प्रति नाली नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्र एवं फोसफोरुस व पोटाश की पूरी मात्रा बुवाई के समय कुड़ो के बीच २-३ से मी निचे दी जय सेष नाइट्रोजन बुवाई के ४०-४५ दिन बाद दे

खरपतवार नियंत्रण

गेहू के मुख्य खरपतवार है गेहू का मामा ,बथुवा, खरतुआ, चटरी-मटरी, सेंजी, जंगली गाजर, कृष्ण नील, प्याजी,अकरी है , यह खरपतवार गेहू की उपज में १५-२० प्रतिसत कमी लाते है बुवाई के २० दिन बाद निराई-गुराई करनी चाहिए चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार जैसे बथुवा ,सत्यानाशी, हिरनखुरी, कृष्णनील, घजारी, के लिय २-४ डी सोडियम सौल्ट ८० प्रतिसत डब्लू .पी ६२५ ग्राम प्रति हक्टैर बुवाई के ३५-४० दिन में फ्लैट नाजिल से ८००-१००० लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हस्तरे की दर से प्रयोग करना चाहिए सकरी पत्ती वाली खरपतवार जैसे गेहुसा ,मंदुसी एवं जन्ग्लीजयी के लिए सल्फोसल्फारोंन २५ किलोग्राम तत्व प्रति हैक्टर अथवा क्लोडीनाफोप 60 ग्राम प्रति हैक्टर इस्तमाल करे पहली सिंचाई के एक सप्ताह बाद फ्लैट नाजल से ८००-१००० लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टर की दर से करना चाहिए

सिंचाई

  • पहली सिंचाई - क्रउन रूट (ताज मूल/चंदेरी जड़े ) अवस्था पर बुवाई के २०-२५ दिन बाद
  • दूसरी सिंचाई-कल्ले निकलते समय बुवाई के ४०-४५ दिन बाद)
  • तीसरी सिंचाई-गाठे बनते समय (बुवाई के ६०-६५ दिन बाद )
  • चौथी सिंचाई -पुष्पावस्था (बुवाई के ८०-८५ दिन बाद )
  • पाचवी सिंचाई -दुग्ध्वस्था (बुवाई के १००-१०५ दिन बाद)
  • छटी सिंचाई -दाना भरते समय (बुवाई के ११५-120 दिन बाद)

यदि तीन सिंचाई ही उपलब्ध है तो क्रावुन रूट ,बाली निकलने से पूर्व एवं दुग्धावस्था में दे यदि दो उपलब्ध हो तो क्रावुन रूट एवं पुष्पावस्था में दे हलकी भूमि में आवस्यक सिंचाई सुविधा होने पर सिंचाई हलकी लगभग ६ से मी जल तथा दोमट व् भारी भूमि में कुछ गहरी ८ से मी सिंचाई करे

रोग नियंत्रण बीज उपचार

  • कॅप्टन २ ग्राम या थिरम २.५ ग्राम प्रति किलो ग्राम बीज से प्रयोग करे
  • रतुवा या रस्ट रोग पत्तियों पर छोटे छोटे हलके पीले रंग के यौराडिया कतार में पाए जाते है पत्तियो की निचाल्ली सतह पे चमकीले काले रंग के टिलियल बनते है उपचार प्रोपिकोनाजोल (टिल्ट ०.२५%) की ५०० मी.ली. मात्र ८००-१००० लीटर पानी के साथ प्रति हेक्टर छिरकाउ करे
  • कर्नल बंट रोगी दाने में कला चूर्ण भर जाता है यह संक्रमित बीज द्वारा फेलता है रोकथाम बीज उपचार करे खड़ी फसल में २५ % बाली निकलने पर २ किलो ग्राम मेन्कोजेब १००० लीटर पानी में प्रति हेकटर की दर से प्रयोग करे
  • पावडरी मिलड़ेयु (चुर्निम आसिता ) निचली पत्तियों में सफ़ेद पावडर सा दीखता है जो बाद में बालियों में बी दिखने लगता है पत्तिया सुख जाती है उपचार मलाथियान .०५% का प्रोयग करे इस समय इस रोग के आने की संभावना है पहरी बंट बालियों में काले रंग का चूर्ण भर जाता है एवं सड़ी मछलियों सी दुर्गन्ध आती है रोकथाम बीज को थिरम २.५ ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से सोधित करे या कार्बेन्डाजिम २.५ ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से सोधित करे
  • लीफ ब्लाइट (पर्ण झुलसा ) भूरे नाव के आकार के धब्बे उपजते है एवं धीरे धीरे पूरी पत्ती को झुलसा देते है उपचार मेन्कोजेब २किलो ग्राम का प्रयोग करे या प्रोपिकोनेजोल की ५०० मी ली मात्र १००० लीटर पानी में प्रयोग करे

कीट नियंत्रण

  • माहू छोटे हरे रंग के समूहों में पाए जाते है जो पत्तियों पुष्प एवं अन्य कोमल भागो में चिपके रहते है उपचार एन्डोसल्फान ३५ इ सी १.२५ लीटर
  • गुजिया मटमैले रंग का ५ से मी बड़ा होता है ये पोधे को निचे से काट देता है उपचार क्लोरिप्य्रिफोस २० इ सी २ लीटर पानी में प्रति हेकटर इस्तमाल करे
  • थ्रिप्स छतिग्रस्थ पत्तियों को जला दे मलाथियोन ०.०५ %के घोल का प्रयोग करे छिरकाव करे कटाई मड़ाई एवं भण्डारण बालियों के पक जाने पर फसल तुरंत काट ले सुखी फसल की मड़ाई थ्रेसर से करे भण्डारण से पूर्व दानो को सुखा ले नमी १२ %से जादा न हो इस बात का ध्यान रखे भण्डारण में सल्फास की दो टिकिया रखे
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