Skip to main content

Please note that this site in no longer active. You can browse through the contents.

ज्वार की खेती

सूत्रकृमि

रोकथाम हेतु गर्मी की गहरी जुताई आवश्यक है।

मुख्य बिन्दु

  1. उन्नतिशील/संस्तुत प्रजातियों की बुवाई समय से करायें।
  2. बीज शोधन अवश्य करें।
  3. उर्वरक का प्रयोग मृदा परीक्षण के आधार पर करें।
  4. बाली निकलने एंव दाना बनते समय पानी आवश्यक है। अतः वर्षा के अभाव में सिचाई करें
  5. कीट एंव रोगो का समय से नियंत्रण करें।