अरहर की फसल के लिए वुवाई का कुछ उपयुक्त समय भी होता है ?
जल्दी पकने वाली प्रजातियाँ है, उनको जून के प्रथम सप्ताह में वुवाई करना वहुत ही उचित होता है, साथ ही देर से पकने वाली अरहर की प्रजातियाँ को जुलाई के प्रथम सप्ताह में वुवाई करे तो हम को वहुत अच्छी पैदावार मिलती है I
अरहर की बीज की मात्रा क्या हो और वुवाई किस प्रकार की जाए?
अरहर की जल्दी पकने वाली प्रजातियाँ है, उनमे 15 से 20 किलो ग्राम बीज एक हेक्टर के लिए पर्याप्त होता है, इसी प्रकार देर से पकने वाली प्रजातियों के लिए 12 से 15 किलो ग्राम बीज एक हेक्टर के लिए पर्याप्त होता है, अरहर के बीज की वुवाई लाइनों में हल के पीछे करनी चाहिए, लाइन से लाइन की दूरी जल्दी पकने वाली प्रजातियों के लिए 45 सेंटी मीटर पौध से पौध की दूरी 20 सेंटी मीटर रखते है इसी प्रकार देर से पकने वाली प्रजातियाँ उसमे लाइन से लाइन की दुरी 60 सेंटी मीटर कर सकते है, और पौध से पौध की दूरी 30 सेंटी मीटर रख सकते हैI
अरहर के बीज की वुवाई से पहले किस प्रकार से शोधित करे?
अरहर में वुवाई से पहले बीज को 2 ग्राम थीरम या 1 ग्राम कार्बेन्डाजीम से 1 किलो ग्राम बीज को शोधित कर लेना चाहिए इसके बाद वुवाई से पहले राईजोवियम कल्चर के एक पैकेट को 10 किलो ग्राम बीज को शोधित करके वुवाई कर देनी चाहिए जिस खेत में पहली बार अरहर की वुवाई की जा रही हो वहा पर कल्चर का प्रयोग बहुत आवश्यक है