गेहूँ की खेती के लिए कौन कौन सी प्रमुख प्रजातियाँ होती हैं?
गेहूँ की प्रजातियों का चुनाव भूमि एवं साधनों की दशा एवं स्थित के अनुसार किया जाता है, मुख्यतः तीन प्रकार की प्रजातिया होती है सिंचित दशा वाली, असिंचित दशा वाली एवं उसरीली भूमि की, आसिंचित दशा वाली प्रजातियाँ निम्न हैं-इसमे मगहर के 2837, इंद्रा के 8962, गोमती के 9465, के 9644, मन्दाकिनी के 9251, एवं एच डी आर 77 आदि हैंI सिंचित दशा वाली प्रजातियाँ- सिंचित दशा में दो प्रकार की प्रजातियाँ पायी जाती हैं, एक तो समय से बुवाई के लिए- इसमे देवा के 9107, एच पी 1731, राज्य लक्ष्मी, नरेन्द्र गेहूँ 1012, उजियार के 9006, डी एल 784-3, (वैशाली) भी कहतें हैं, एच् यू डब्लू 468, एच् यू डब्लू 510, एच् डी 2888, यू पी 2382, पी बी डब्लू 443, पी बी डब्लू 343, एच् डी 2824 आदि हैंI देर से बुवाई के लिए त्रिवेणी के 8020, सोनाली एच् पी 1633 एच् डी 2643, गंगा, डी वी डब्लू 14, के 9162, के 9533, एच् पी 1744, नरेन्द्र गेहूँ 1014, नरेन्द्र गेहूँ 2036, नरेन्द्र गेहूँ 1076, यू पी 2425, के 9423, के 9703, एच् डब्लू 2045,पी बी डब्लू 373,पी बी डब्लू 16 आदि हैंI उसरीली भूमि के लिए के आर एल 1-4, के आर एल 19, राज 3077, लोक 1, प्रसाद के 8434, एन डब्लू 1067, आदि हैं, उपर्युक्त प्रजातियाँ अपने खेत एवं दशा को समझकर चयन करना चाहिएI