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Package of practices

हरे चारे हेतु हाइब्रिड नेपियर की खेती

Source: 
Agiculture Department Uttar Pradesh

अन्य सुझाव:

हरे चारे के लिए किसान सुबबूल को भी उगा सकता है। यह एक वृक्षनुमा पौधा होता है जिससे वर्ष भरा हरा चारा मिलता है। लेकिन इस बात का विशेष सावधानी रखनी पड़ती है कि इसे १५ प्रतिशत हरी पत्तियॉ सूखे चारे के साथ मिलाकर पशुओं को खिलाया जा सकता है। सुबबूल लगाकर किसान अपने प्रक्षेत्र की रखवाली भी कर सकता है।

बाजरा का हरा चारा

Source: 
Agiculture Department Uttar Pradesh

ग्वार का हरा चारा

Source: 
Agiculture Department Uttar Pradesh

मक्का का हरा चारा

Source: 
Agiculture Department Uttar Pradesh

मकचरी

ज्वार का हरा चारा

Source: 
Agiculture Department Uttar Pradesh

बहु कटान वाली ज्वार

एम.पी. चरी एवं पूसा चरी २३ एस.एस.जी ५९-८ (मिठी सुडान) एम.एफ.एस.एच.३ पन्त संकर ज्वार-५ इन्हे एक से अधिक कटाई के लिए ज्वार की सबसे अच्द्दी किस्म माना गया है। इसमें ७-९ प्रतिशत प्रोट्रीन होती है तथा ज्वार मे पाया जाने वाला विष हाइड्रोसायनिक अम्ल भी कम होता है।

लोबिया का हरा चारा

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Agiculture Department Uttar Pradesh

बासमती/सुगन्धित धान की वैज्ञानिक खेती

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Agriculture Department, Uttar Pradesh

तिल की खेती

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Agriculture Department, Uttar Pradesh

मुख्य बिन्दु

१. बुवाई १०-२० जुलाई तक अवश्य कर ली जायें।
२. पानी के निकास की समुचित व्यवस्था करे।
३. बुवाई के १५-२० दिन बाद विरलीकरण अवश्य करें।

मक्का की खेती

Source: 
Agriculture Department, Uttar Pradesh

अन्य आवश्यक क्रियाये: 

वर्षा के पानी तेज हवा से फसल को बचाने के लिए पौधों की जड़ों पर मिट्‌टी पलटने वाले हल से मिट्‌टी चढ़ा देनी चाहिये।

सोयाबीन की खेती

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Agriculture Department, Uttar Pradesh

सूत्रकृमि:

सूत्रकृमि जनित बीमारियॉ रोकने के लिये हरी खाद गर्मी की गहरी जुताई या खलियॉ की खाद का उचित मात्रा में प्रयोग किया जाय।

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