Source:
Agiculture Department Uttar Pradesh
Introduction
:
वर्षभर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए हाइब्रिड नेपियर की खेती किया जा सकता है इसकी पत्तियॉ काफी मुलायम एवं हरी होती है। इसे बरसीम के साथ (६:६) अनुपात मे भी सह फसली के रूप मे भी उगाया जा सकता है। हाईब्रिड नेपियर को किसान अपने प्रक्षेत्र के चारो ओर बाढ फेसिंग के रूप में उगा सकते है। जिससे उन्हे हरे चारे के साथ-साथ फसल सुरक्षा प्रदान हो जाता है।
Soil Conditions
:
समस्याग्रस्त प्रक्षेत्र (ऊसर अम्लीय क्षारीय मृदा ऊँची नीची जमीन इत्यादि क्षेत्र)
Varieties
:
पूसा जाइन्ट, नेपियर, एन.बी.-५, एन.बी.-२१ , ई.बी.-४ ,गजराज कोयम्बटूर एवं इग्रफ्री नेपियर।
Seed & Sowing
:
जड़ (स्लिप्स ) की संख्या २५००० से ३०००० प्रति हेक्टेयर।
स्लिप्स लगाने का समय वर्षा ऋतु प्रारम्भ हाने पर अथवा फरवरी का मध्य पखवार ।
लगाने की विधि ५०-५० सेमी. की दूरी पर ६ से ९ इंच गहरा गड्ढा खोदकर इच्द्दित स्थान पर जगह लगा दों।
Nutrient management
:
१० टन/हेक्टर गोबर की सड़ी खाद गड्ढो में भरे।
अन्य सुझाव:
हरे चारे के लिए किसान सुबबूल को भी उगा सकता है। यह एक वृक्षनुमा पौधा होता है जिससे वर्ष भरा हरा चारा मिलता है। लेकिन इस बात का विशेष सावधानी रखनी पड़ती है कि इसे १५ प्रतिशत हरी पत्तियॉ सूखे चारे के साथ मिलाकर पशुओं को खिलाया जा सकता है। सुबबूल लगाकर किसान अपने प्रक्षेत्र की रखवाली भी कर सकता है।