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Pulses

मसूर की खेती

Source: 
Agriculture Department U.P.

१ क्षेत्र विशेष हेतु संस्तुत प्रजाति के प्रमाणित बीज की बुवाई समय से करें।

२ बीज शोधन अवश्य करें।

३ फास्फोरस एवं गन्धक हेतु सिंगिल सुपर फास्फेट का प्रयोग करें।

४ बीज की मात्रा/हे. दाने के आकार एवं बुंवाई के समय को ध्यान मे रखते हुये निर्धारित करें।

५ रोग का नियंत्रण समय से करें

चना की खेती

Source: 
Agriculture Department, Uttar Pradesh

मुख्य बिन्दु:
१. क्षेत्रीय अनुकूलतानुसार प्रजाति का चयन कर प्रमाणित एवं शुद्ध बीज का प्रयोग करें |
२. बेसल ड्रेसिंग फास्फोरसधारी  उर्वरकों का कूड़ो में संस्तुति  अनुसार अवश्य पर्योग करें |
३. रोगों एवं फलीछेदक कीड़ों की सामयिक जानकरी कर उनका उचित नियंत्रण/उपचार किया जाय
|

मूंग की खेती

Source: 
कृषि ज्ञान मंजूषा, सातवां संस्करण, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

Package of practice for Horse gram

Source: 
ಸುಧಾರಿತ ಬೇಸಾಯ ಕ್ರಮಗಳು ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ – 2012 , ಕೃಷಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯ, ಧಾರವಾಡ ಹಾಗೂ ಕೃಷಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯ, ರಾಯಚೂರು

उर्द की खेती

Source: 
कृषि ज्ञान मंजूषा, सातवां संस्करण, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

Package of practice for Urd

Source: 
ಸುಧಾರಿತ ಬೇಸಾಯ ಕ್ರಮಗಳು ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ – 2012 , ಕೃಷಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯ, ಧಾರವಾಡ ಹಾಗೂ ಕೃಷಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯ, ರಾಯಚೂರು

Package of practice for Pigeonpea

Source: 
ಸುಧಾರಿತ ಬೇಸಾಯ ಕ್ರಮಗಳು ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ – 2012 , ಕೃಷಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯ, ಧಾರವಾಡ ಹಾಗೂ ಕೃಷಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯ, ರಾಯಚೂರು

मसूर की खेती

Source: 
कृषि ज्ञान मंजूषा, सातवां संस्करण, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

मटर की खेती

Source: 
कृषि ज्ञान मंजूषा, सातवां संस्करण, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

चने की खेती

Source: 
कृषि ज्ञान मंजूषा, सातवां संस्करण, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
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