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Wheat

भूरा किट्ट या रतुआ (पर्ण किट्ट):गेहूँ

भूरा किट्ट या रतुआ (पर्ण किट्ट)

रोगकारी जीव: पक्सीनिया रिकॉन्डिटा फा. स्पि. ट्रिटिसाइ

मुख्य लक्षण: पत्तियों पर नारंगी से लेकर भूरे रंग के गोल बिखरे हुए स्फोट उत्पन्न होते हैं।

पीला किट्ट या हरदा (धारीदार किट्ट): गेहूँ

रोग: किट्ट

पीला किट्ट या हरदा (धारीदार किट्ट)

रोगकारी जीव: पक्सीनिया स्ट्रिइफार्मिस फा. स्पि. ट्रिटिसाइ

वानस्पतिक विवरण: मूल तंत्र

वानस्पतिक विवरण

मूल तंत्र :

मृदा :गेहूँ

मृदा :

      गेहूँ की खेती के लिए दुमट मृदा सर्वश्रेश्ठ होती है। गेहूँ की खेती के लिए मटियार एवं बलुई दुमट मृदा का भी उपयोग किया जा सकता है बषर्ते कि जल निकास की समुचित प्रणाली हो और ये मृदाएं अम्लीय या सोडीय मृदा संवर्ग की न हों। इसके अतिरिक्त गेहूँ का खेत खरपतवारों से मुक्त होना चाहिए।

महत्व: गेहूँ

महत्व

उत्पत्ति: गेहूँ

उत्पत्ति

Classification of Wheat (Triticum Species)

Classification of Wheat

Zero tillage method of sowing

Use of Zero Tillage in Rice-Wheat Cropping System

There exits perpetual problem of late sowing in those areas where wheat is grown after rice. It has been reported that planting of wheat beyond 25th November reduces yield @ 30 kg/ha/day or more. This loss can be reduced or compensated by the use of zero-tillage which advances sowing by a week at least at the same time saving money spent on ploughing and other operations.

Unirrigated Wheat Variety in Bundelkhand Region

SMS in Roman

:

Send Date: 
03-11-2011
Total no of Recipients: 
239

Varieties of wheat and their characteristics

Variety
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